यमुनानगर

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से सावधान रहें”डिजिटल अरैस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं, यह सिर्फ साइबर अपराधियों की चाल : पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल


“डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से सावधान रहें”
डिजिटल अरैस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं, यह सिर्फ साइबर अपराधियों की चाल : पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल
आमजन को साइबर ठगों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिला पुलिस की ओर से पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल आईपीएस द्वारा “डिजिटल अरेस्ट” जैसे फर्जी और भ्रामक साइबर फ्रॉड के संबंध में महत्वपूर्ण साइबर एडवाइजरी जारी की गई है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई भी कानूनी प्रक्रिया अस्तित्व में नहीं है और इस नाम पर की जाने वाली सभी कॉल व वीडियो कॉल पूरी तरह से ठगी का प्रयास हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर अपराधी स्वयं को पुलिस, सीबीआई, ईडी, कस्टम या अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को फोन या वीडियो कॉल करते हैं। वे पीड़ित को डराने के उद्देश्य से झूठे आरोप लगाते हैं, जैसे कि अवैध पार्सल, मनी लॉन्ड्रिंग या किसी गंभीर अपराध में नाम शामिल होना, और फिर “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाकर मानसिक दबाव बनाते हैं।
याद रखें
1.पुलिस कभी भी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती
2.किसी भी जांच एजेंसी द्वारा ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहा जाता
3.ओटीपी, बैंक विवरण या निजी
जानकारी मांगना ठगी का स्पष्ट संकेत है
डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के सामान्य तरीके
1.लगातार वीडियो कॉल पर बने रहने का दबाव
2.घर से बाहर न निकलने और किसी से बात न करने की धमकी
3.डर का माहौल बनाकर तुरंत पैसे ट्रांसफर कराने का प्रयास
कैसे बचें
1.ऐसे किसी कॉल से घबराएं नहीं, सतर्क रहकर तुरंत कॉल काटें
2.किसी भी अनजान व्यक्ति को निजी या बैंक संबंधी जानकारी न दें परिवार के सदस्यों या नजदीकी पुलिस, थाना/चौकी से तुरंत संपर्क करें
शिकायत तुरंत दर्ज करें
साइबर हेल्पलाइनः 1930 या
www.cybercrime. gov. in या नजदीकी पुलिस थाना/चौकी जिला पर तुरंत इसकी शिकायत दर्ज करवाएं।
जिला पुलिस की अपील
जिला पुलिस आमजन से अपील करती है कि इस जागरूकता संदेश को अधिक से अधिक साझा करें, ताकि साइबर अपराधियों द्वारा फैलाए जा रहे डर और भ्रम को समय रहते रोका जा सके। साइबर अपराधी आपकी जल्दबाजी, लालच व डर को हथियार बनाते हैं, घबराएं नहीं, सतर्क रहते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें। सतर्कता ही सुरक्षा है।
जिला पुलिस सदैव आपकी सेवा में।

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