यमुनानगर

-पश्चिमी यमुना नहर के किनारे 9 करोड़ से विकसित होगा रिवर वाटर फ्रंट, शहर को मिलेगी नई पहचान

पश्चिमी यमुना नहर किनारे विकसित होने वाले रिवर वाटर फ्रंट का मेयर व विधायक ने किया शिलान्यास

  • दिव्य नगर योजना के तहत ओपी जिंदल पार्क के पीछे से फतेहपुर पुल तक करीब साढ़े चार किलोमीटर क्षेत्र का होगा सौंदर्यीकरण; फुटपाथ, हरियाली, आधुनिक लाइटिंग और सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम

यमुनानगर। शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने और यमुनानगर को सुंदर एवं आकर्षक बनाने की दिशा में नगर निगम द्वारा पश्चिमी यमुना नहर के किनारे रिवर वाटर फ्रंट विकसित किया जाएगा। दिव्य नगर योजना के तहत करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इस परियोजना के अंतर्गत ओपी जिंदल पार्क के पीछे से फतेहपुर पुल तक लगभग साढ़े चार किलोमीटर लंबे और 5 मीटर चौड़े मार्ग का विकास एवं सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इस परियोजना से शहरवासियों को सैर-सपाटे, व्यायाम और मनोरंजन के लिए एक नया स्थान मिलेगा। साथ ही, नहर किनारे की पटरी पक्की होने से आवागमन भी अधिक सुविधाजनक होगा। शनिवार को विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और मेयर सुमन बहमनी ने इस परियोजना का शिलान्यास किया।
मेयर सुमन बहमनी व नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने बताया कि परियोजना के तहत पश्चिमी यमुना नहर के किनारे आधुनिक सुविधाओं से युक्त लैंडस्केप एरिया विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही पैदल चलने के लिए 2.8 किलोमीटर लंबा फुटपाथ बनाया जाएगा। नहर किनारे हरियाली बढ़ाने के लिए सुंदर उद्यान विकसित किए जाएंगे तथा लोगों के बैठने के लिए 9 आधुनिक डिजाइन की बेंच केनोपी लगाई जाएंगी। पूरे क्षेत्र को आकर्षक बनाने के लिए 120 फैंसी एवं डेकोरेटिव लाइट लगाई जाएगी, जिससे सुबह और शाम के साथ-साथ रात के समय भी यह क्षेत्र सुंदर दिखाई देगा और लोगों को बेहतर रोशनी उपलब्ध होगी। मौके पर भाजपा प्रदेश मंत्री एवं पूर्व मेयर मदन चौहान, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश सपरा, कार्यकारी अभियंता विकास धीमान, सहायक अभियंता मृणाल जायसवाल, रोजी मलिक आनंद, राम निवास गर्ग, पार्षद किरण यादव, पार्षद संतोष, पार्षद तिलक राज, सुरेंद्र शर्मा, संगीता सिंघल, मनोज धीमान, पवन प्रताप, राहुल, सुनील भारद्वाज आदि मौजूद रहे।

  • जल निकासी और सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान

रिवर वाटर फ्रंट के निर्माण में जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नालियों का निर्माण किया जाएगा, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से बचा जा सके। नहर के किनारे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 1050 मिलीमीटर ऊंची पत्थर की दीवार बनाई जाएगी, जिसके ऊपर 1200 मिलीमीटर ऊंची जालीदार फेंसिंग लगाई जाएगी। इससे लोगों की नहर तक सीधी पहुंच को नियंत्रित करने और दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद मिलेगी। पर्याप्त रोशनी और व्यवस्थित पैदल मार्ग से भी लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

  • कच्ची पटरी पक्की होने से आवागमन होगा आसान

पश्चिमी यमुना नहर के किनारे बाड़ी माजरा से पुराने सहारनपुर रोड पर स्थित फतेहपुर पुल तक लगभग साढ़े चार किलोमीटर की पटरी वर्तमान में कच्ची है। बारिश के दिनों में यहां कीचड़ जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। रिवर वाटर फ्रंट परियोजना के तहत नहर किनारे पटरी को विकसित एवं पक्का किए जाने से लोगों को इस समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे पुराने सहारनपुर रोड तक पहुंचना भी अधिक सुविधाजनक होगा और स्थानीय आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

  • स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना का उद्देश्य केवल नहर किनारे का सौंदर्यीकरण करना ही नहीं, बल्कि पश्चिमी यमुना नहर को प्रदूषण से बचाने और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाना भी है। हरियाली, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और सुव्यवस्थित पैदल मार्ग के माध्यम से इस क्षेत्र को शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में शामिल करने की दिशा में काम किया जाएगा।
रिवर वाटर फ्रंट विकसित होने के बाद यह स्थान स्थानीय निवासियों के लिए सुबह-शाम सैर करने, दौड़ लगाने और व्यायाम करने का बेहतर विकल्प बनेगा। साथ ही, सुंदर लैंडस्केप, हरियाली, आकर्षक रोशनी और आधुनिक सुविधाओं के कारण यह शहरवासियों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है। करीब 9 करोड़ रुपये की यह परियोजना पश्चिमी यमुना नहर के किनारे के क्षेत्र को नया स्वरूप देने के साथ शहर की सुंदरता, सुविधा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

फोटो कैप्शन – रिवर वाटर फ्रंट परियोजना का शिलान्यास करते विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और मेयर सुमन बहमनी।

-पश्चिमी यमुना नहर के किनारे 9 करोड़ से विकसित होगा रिवर वाटर फ्रंट, शहर को मिलेगी नई पहचान

पश्चिमी यमुना नहर किनारे विकसित होने वाले रिवर वाटर फ्रंट का मेयर व विधायक ने किया शिलान्यास

  • दिव्य नगर योजना के तहत ओपी जिंदल पार्क के पीछे से फतेहपुर पुल तक करीब साढ़े चार किलोमीटर क्षेत्र का होगा सौंदर्यीकरण; फुटपाथ, हरियाली, आधुनिक लाइटिंग और सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम

यमुनानगर। शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने और यमुनानगर को सुंदर एवं आकर्षक बनाने की दिशा में नगर निगम द्वारा पश्चिमी यमुना नहर के किनारे रिवर वाटर फ्रंट विकसित किया जाएगा। दिव्य नगर योजना के तहत करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इस परियोजना के अंतर्गत ओपी जिंदल पार्क के पीछे से फतेहपुर पुल तक लगभग साढ़े चार किलोमीटर लंबे और 5 मीटर चौड़े मार्ग का विकास एवं सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इस परियोजना से शहरवासियों को सैर-सपाटे, व्यायाम और मनोरंजन के लिए एक नया स्थान मिलेगा। साथ ही, नहर किनारे की पटरी पक्की होने से आवागमन भी अधिक सुविधाजनक होगा। शनिवार को विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और मेयर सुमन बहमनी ने इस परियोजना का शिलान्यास किया।
मेयर सुमन बहमनी व नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने बताया कि परियोजना के तहत पश्चिमी यमुना नहर के किनारे आधुनिक सुविधाओं से युक्त लैंडस्केप एरिया विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही पैदल चलने के लिए 2.8 किलोमीटर लंबा फुटपाथ बनाया जाएगा। नहर किनारे हरियाली बढ़ाने के लिए सुंदर उद्यान विकसित किए जाएंगे तथा लोगों के बैठने के लिए 9 आधुनिक डिजाइन की बेंच केनोपी लगाई जाएंगी। पूरे क्षेत्र को आकर्षक बनाने के लिए 120 फैंसी एवं डेकोरेटिव लाइट लगाई जाएगी, जिससे सुबह और शाम के साथ-साथ रात के समय भी यह क्षेत्र सुंदर दिखाई देगा और लोगों को बेहतर रोशनी उपलब्ध होगी। मौके पर भाजपा प्रदेश मंत्री एवं पूर्व मेयर मदन चौहान, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश सपरा, कार्यकारी अभियंता विकास धीमान, सहायक अभियंता मृणाल जायसवाल, रोजी मलिक आनंद, राम निवास गर्ग, पार्षद किरण यादव, पार्षद संतोष, पार्षद तिलक राज, सुरेंद्र शर्मा, संगीता सिंघल, मनोज धीमान, पवन प्रताप, राहुल, सुनील भारद्वाज आदि मौजूद रहे।

  • जल निकासी और सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान

रिवर वाटर फ्रंट के निर्माण में जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नालियों का निर्माण किया जाएगा, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से बचा जा सके। नहर के किनारे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 1050 मिलीमीटर ऊंची पत्थर की दीवार बनाई जाएगी, जिसके ऊपर 1200 मिलीमीटर ऊंची जालीदार फेंसिंग लगाई जाएगी। इससे लोगों की नहर तक सीधी पहुंच को नियंत्रित करने और दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद मिलेगी। पर्याप्त रोशनी और व्यवस्थित पैदल मार्ग से भी लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

  • कच्ची पटरी पक्की होने से आवागमन होगा आसान

पश्चिमी यमुना नहर के किनारे बाड़ी माजरा से पुराने सहारनपुर रोड पर स्थित फतेहपुर पुल तक लगभग साढ़े चार किलोमीटर की पटरी वर्तमान में कच्ची है। बारिश के दिनों में यहां कीचड़ जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। रिवर वाटर फ्रंट परियोजना के तहत नहर किनारे पटरी को विकसित एवं पक्का किए जाने से लोगों को इस समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे पुराने सहारनपुर रोड तक पहुंचना भी अधिक सुविधाजनक होगा और स्थानीय आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

  • स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना का उद्देश्य केवल नहर किनारे का सौंदर्यीकरण करना ही नहीं, बल्कि पश्चिमी यमुना नहर को प्रदूषण से बचाने और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाना भी है। हरियाली, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और सुव्यवस्थित पैदल मार्ग के माध्यम से इस क्षेत्र को शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में शामिल करने की दिशा में काम किया जाएगा।
रिवर वाटर फ्रंट विकसित होने के बाद यह स्थान स्थानीय निवासियों के लिए सुबह-शाम सैर करने, दौड़ लगाने और व्यायाम करने का बेहतर विकल्प बनेगा। साथ ही, सुंदर लैंडस्केप, हरियाली, आकर्षक रोशनी और आधुनिक सुविधाओं के कारण यह शहरवासियों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है। करीब 9 करोड़ रुपये की यह परियोजना पश्चिमी यमुना नहर के किनारे के क्षेत्र को नया स्वरूप देने के साथ शहर की सुंदरता, सुविधा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

फोटो कैप्शन – रिवर वाटर फ्रंट परियोजना का शिलान्यास करते विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और मेयर सुमन बहमनी।

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