यमुनानगर

यमुनानगर में खनन माफिया के द्वारा दो युवकों की बेरहमी से पिटाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है…

यमुनानगर में खनन माफिया के द्वारा दो युवकों की बेरहमी से पिटाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है…
जहां एक तरफ पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की कार्यवाही पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर पीड़ित पक्ष पिछले 7 से 8 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठा हुआ था…
उनकी मांग साफ थी — मुख्य आरोपी अमित कोलीवाला की गिरफ्तारी।
लेकिन दूसरी ओर, आरोपी पक्ष का दावा है कि घटना के समय अमित कोलीवाला मौके पर मौजूद ही नहीं था…
बल्कि वह एक पारिवारिक कार्यक्रम में गया हुआ था… ऐसे में उसके खिलाफ कार्रवाई को गलत बताया जा रहा है।
इसी बीच मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया…
जब पीड़ित पक्ष ने प्रेस वार्ता कर भरत बेनीवाल के पत्रकार होने के सबूत पेश किए…
और भीम आर्मी के प्रमुख Chandrashekhar Azad से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत भी की गई।
भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने साफ कहा —
अगर जरूरत पड़ी तो वो यमुनानगर आएंगे और आंदोलन का हिस्सा बनेंगे…
साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि न्याय की लड़ाई भूखे रहकर नहीं, बल्कि मजबूती से लड़नी चाहिए।
वहीं आज आंदोलन स्थल पर कुरूक्षेत्र पूर्व सांसद एवं लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी अध्यक्ष राज कुमार सैनी भी पहुंचे…
जहां उन्होंने पुलिस प्रशासन को 2 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि
अगर कार्रवाई नहीं हुई तो डीसी ऑफिस का घेराव किया जाएगा और बड़ा धरना प्रदर्शन होगा।
हालांकि नेताओं की अपील के बाद अब भूख हड़ताल को खत्म कर दिया गया है…
लेकिन पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है…
जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा

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