सावन अष्टमी पर पूज्य श्री ज्वाला माता जी मंदिर में भक्तिमय हुआ वातावरण
धूमधाम से मनाया गया झूला उत्सव,
संगत में वितरित किया गया खीर-मालपुए का प्रसाद
यमुनानगर।
ससौली रोड स्थित पूज्य श्री ज्वाला माता जी मंदिर में सावन अष्टमी के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति से परिपूर्ण वातावरण रहा। मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए तथा माता रानी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया और माता रानी के जयकारों एवं भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
सावन अष्टमी के अवसर पर मंदिर में झूला उत्सव बड़ी श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ मनाया गया। माता रानी को आकर्षक ढंग से सजाए गए झूले में विराजमान कर पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए माता रानी के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की और परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। झूला उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर मंदिर में आने वाली संगत के लिए खीर एवं मालपुए का प्रसाद तैयार किया गया, जिसे श्रद्धा एवं प्रेमपूर्वक सभी श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। संगत ने प्रसाद ग्रहण कर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रसाद वितरण के दौरान सेवा, सहयोग और भाईचारे की भावना भी देखने को मिली।
इस अवसर पर रसिक सेवक जी ने कहा कि सावन अष्टमी श्रद्धा और भक्ति का पावन पर्व है तथा माता रानी के दरबार में आयोजित ऐसे धार्मिक कार्यक्रम लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ समाज में प्रेम, भाईचारे और सद्भाव की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि झूला उत्सव माता रानी के प्रति भक्तों की अटूट आस्था एवं श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने माता रानी से सभी भक्तों एवं उनके परिवारों पर सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।
वहीं समर्पित सेवक जी ने कहा कि माता रानी के दरबार में सेवा करने का अवसर प्रत्येक सेवक के लिए सौभाग्य की बात है। सावन अष्टमी के अवसर पर संगत के लिए प्रसाद वितरण एवं धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की सहभागिता अत्यंत सराहनीय रही। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सेवा, सहयोग, प्रेम और मानवता की भावना को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने माता रानी से सभी श्रद्धालुओं के जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के बीच श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन किए तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, सेवा और भक्ति का सुंदर संगम देखने को मिला।
अंत में मंदिर में उपस्थित संगत ने माता रानी से सभी परिवारों की खुशहाली, समाज में आपसी भाईचारे एवं सद्भाव तथा देश में सुख-शांति की प्रार्थना की।

